मैंने उस दर्जी की दुकान के मालिक को 'मां की प्रेम की भाषा' वाला कार्ड दिया, जहां मैं पिछले 40 सालों से नियमित रूप से जाता रहा हूं।
मैंने मां के प्यार भरे शब्दों वाला एक कार्ड बड़े ध्यान से फ्रेम करके दिया।
बॉस ने कहा कि यह एक बहुत अच्छा अभियान था और वह इसे अमल में लाएंगे।
उन्होंने हमारे साथ एक यादगार तस्वीर भी खिंचवाई।
आशा है कि मरम्मत की दुकान में भी शांति बनी रहेगी ♡
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