मुझे अपार्टमेंट के सुरक्षा कार्यालय के सामने हर सुबह एक बुजुर्ग व्यक्ति दिखाई देता है।
उसके भावहीन और उदास चेहरे पर थोड़ी सी सतर्कता झलक रही थी।
जब भी मैं बुजुर्गों को देखता, तो मुस्कुराता और उन्हें उत्साहपूर्वक "हैलो" कहकर अभिवादन करता।
पहले तो वह मुझे अजीब तरह से नमस्कार करता था, लेकिन अब वह मुझे मुस्कुराकर नमस्कार करता है और मुझसे पहले बात भी करता है।
जब भी मैं उस बुजुर्ग व्यक्ति को देखता हूँ तो मुझे खुशी होती है क्योंकि अब हम सिर्फ पड़ोसी नहीं हैं, बल्कि अब हम परिचितों की तरह महसूस करते हैं।
"मातृ प्रेम की भाषा" बेहद मार्मिक है और दिलों को छू लेती है। ♡^^♡
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