मैं आमतौर पर मेट्रो से यात्रा करता हूं।
मैं हमेशा खिलखिलाकर मुस्कुराता था और मेट्रो में रियायतें देता था।
इस अभियान के माध्यम से मैंने हर दिन को 'डेली चेक' में दर्ज किया।
एक बार फिर, मैंने मन में सोचा, 'इसी तरह मैं रियायतें देने का अभ्यास करता हूं।'
ऐसा लगता है कि जो अच्छे काम मैं आदतन करता था, वे अब मेरे हृदय में अंकित हो गये हैं। 
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